स्ट्रिंग (Strings)

अक्षरों के समूह को स्ट्रिंग कहते हैं। जावा में स्ट्रिंग, क्लास के आॅब्जेक्ट ही होते हैं। जावा में स्ट्रिंग C++ की भांति करेक्टर एरे नहीं होते हैं, तथा ना ही यह NULL से समाप्त होते हैं। स्ट्रिंग आॅब्जेक्ट को तीन प्रकार से बनाया जा सकता है।

  • String क्लास का प्रयोग करते हुए।
  • StringBuffer क्लास का प्रयोग करते हुए।
  • StringBuilder क्लास का प्रयोग करते हुए।

ये तीनों ही क्लासेज java.lang पैकेज डिफाइन की हुई होती हैं. चूंकि यह पैकेज अपने आप ही इम्पोर्ट हो जाता है अतः इसे अलग से इम्पोर्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है. उपरोक्त क्लासेज में स्ट्रिंग्स पर कार्य करने के लिए कई मेथोड्स पहले से मौजूद होते हैं.

String तथा StringBuffer क्लास में अन्तर

String क्लास की सहायता से हम एक निश्चित लम्बाई का स्ट्रिंग बना सकते हैं जबकि StringBuffer क्लास की सहायता से हम ऐसा स्ट्रिंग बना सकते हैं जिसमें से हम बाद में कुछ अक्षर जोड़, अथवा घटा कर उसकी लम्बाई को उसी मैमोरी लोकेशन पर बढ़ा अथवा घटा सकते हैं। दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि StringBuffer क्लास की सहायता से हम परिवर्तनीय लम्बाई के स्ट्रिंग बना सकते हैं।

String क्लास की स्थिति में ध्यान दें कि यदि स्ट्रिंग की लंबाई में परिवर्तन करने पर नई स्ट्रिंग के लिए नया मैमोरी एलोकेशन किया जाता है। चूंकि String की स्थिति में उसकी लंबाई को उसे मैमोरी लोकेशन पर स्टोर नहीं किया जा सकता है, अतः इसे immutable भी कहा जाता है। वहीं StringBuffer क्लास को mutable भी कहा जाता है।

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